Top 10 tourism place in MP: क्रिसमस और नये वर्ष के अवसर पर घूमने के लिए मध्यप्रदेश के लोकप्रिय स्थान

Top 10 tourism place in MP
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Top 10 tourism place in MP: क्रिसमस और नये वर्ष के अवसर पर घूमने के लिए मध्यप्रदेश के लोकप्रिय स्थान

भारत में अनेको जाति धर्म के लोग रहते हैं, भारतीय संस्कृति मे बहुत विविधता है, इसके साथ ही प्राकृतिक सुंदरता भी भारत मे बेसुमार है। संस्कृति की विविधता और प्राकृतिक सुंदरता न केवल देश भर मे बल्कि पूरे विश्व मे हमेशा से आकर्षण का केन्द्र बना है। भारत के सभी राज्यों मे प्राकृतिक सुंदरता के साथ ही ऐतिहासिक धरोहर अपार है। आज हम भारत के हृदय प्रदेश के नाम से विख्यात मध्यप्रदेश के 10 लोकप्रिय स्थानों के बारे मे बताने जा रहे हैं, जिन स्थानों मे आप अपने परिवार के साथ क्रिसमस और नये वर्ष के अवसर पर जाकर प्रकृति की सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर को देख कर एक नया अनुभव महसूस करेंगे, साथ ही आनंद का भी लुफ्त उठा सकेंगे।

1. हनुमंतिया
2. कान्हा
3. पेंच
4. पन्ना
5. बांधवगढ़
6. पचमढ़ी
7. ओरछा
8. मांडू
9. अमरकंटक
10. भेड़ाघाट

हनुमन्तिया टापू (Hanumantiya Tapu) : मध्यप्रदेश का स्विटजरलैंड

हनुमन्तिया टापू मध्यप्रदेश का एक पर्यटन स्थल है, जिसे मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कृत्रिम जल पर्यटन स्थल के रूप मे विकसित किया गया हैं।  हनुमन्तिया जल पर्यटन स्थल का नाम मध्यप्रदेश के हनुवंतिया ग्राम के नाम पर रखा गया गया है, जो मंदसौर के पास है। यह दर्शनीय स्थल इन्दिरा सागर बांध के निर्माण से निर्मित विशाल झील पर बनाया गया हैं। मध्यप्रदेश का यह बैक वाटर मे निर्मित टापू देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का पहला सैलानी टापू है। मध्यप्रदेश की सरकार द्वारा पर्यटन की दृष्टि से यहाँ टापू पर आवास, भोजन, नौका विहार, क्रुज राइड आदि की सुविधा उपलब्ध करायी। मध्यप्रदेश शासन द्वारा यहाँ ठहरने के लिए 10 कॉटेज बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त जल पर्यटन के लिए एक क्रूज एवं दो मोटर-बोट की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए टापू पर बोट-क्लब और रेस्टोरेंट भी बनाया गया है। टापू की सुंदरता बढ़ाने और टापू को हरा-भरा बनाने के लिए पौधा भी लगाया गया है। यहाँ वॉटर स्पोर्ट कॉम्पलेक्स भी स्थापित है। टापू का मौसम पर्यटन की दृष्टी से वर्ष भार अनुकूल हैं। टापू लगभग 62 हजार वर्ग फीट में फैला हुआ हैं, यहाँ पर साइकिलिंग, पतंगबाजी, विंड सफरिंग, जेटस्किंग, बनाना राइड, नाईटकैम्पिंग, बर्ड वाचिंग, टेक्किंग जैसी एक्टिविटीज करने का मौका मिल जायेगा।

महत्वपूर्ण बात – 20 दिसंबर से 20 जनवरी तक हनुमंतिया मे जल महोत्सव चलेगा। साथ ही यहाँ 16 दिसंबर से हेलीकॉप्टर द्वारा जॉय राइडिंग होगी, जो सुबह 9 से शाम 6 बजे तक होगी। हेलीकॉप्टर से जॉय राइडिंग का चार्ज 5000/- रुपए प्रति व्यक्ति है, जॉय राइडिंग 5 मिनट की रहेगी।

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Kanha (कान्हा )

मध्य प्रदेश अपने पार्क और जंगलो की प्राकृतिक सुन्दरता के लिए प्रसिद्ध है। कान्हा मध्य प्रदेश के मंडला एवं बालाघाट जिले मे स्थित है। कान्हा न केवल मध्यप्रदेश बल्कि भारत का प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान है। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है।

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान 940 वर्ग किलोमीटर मे फैला है। कान्हा में विविध प्रजाति के जीव हैं और प्रोजेक्ट टाइगर  के तहत कान्हा को व्याघ्र संरक्षित क्षेत्र घोषित है। कान्हा को 1 जून 1955 मे राष्ट्रीय उद्यान एवं 1973 मे टाइगर रिजर्व बनाया गया था। कान्हा  राष्ट्रीय उद्यान एशिया के सबसे खूबसूरत वन्यजीव रिजर्वो में एक है। कान्हा मे पर्यटकों के लिए काफी कुछ है, खूबसूरत जंगल, तरह तरह के वन्यजीव, घास के मैदान। घास के मैदानों मे काला हिरन, बारहसिंहा, सांभर और चीतल को एक साथ देखा जा सकता है।

कान्हा के मुख्य आकर्षण –

बारहसिंगा – बारहसिंगा सम्पूर्ण भारत मे केवल कान्हा मे पाया जाता है, लगभग 2 दशक पूर्व बारहसिंगा विलुप्त होने की कगार पर थे किंतु कान्हा प्रबंधन के उचित उपायों से बारहसिंगा को विलुप्त होने से बचा लिया गया।

कान्हा मे रॉयल बंगाल टाइगर,बारासिंघा,भालू, बरसिंघा और भारतीय जंगली कुत्ते की महत्वपूर्ण आबादी है।

भूरसिंह द बारासिंघा – यह कान्हा का आधिकारिक शुभंकर है।

Panch (पेंच)

पेंच नेशनल पार्क सिवनी जिले में स्थित है, उद्यान मे वाघ, तेंदुए, भेड़िये, जगली भैसे, हिरन, बारह सिंगा मोर, काले हिरन आदि हैं। उद्यान का नाम पेंच, पेंच नदी के नाम पर रखा गया है। पेंच नदी पार्क के बीच से बहती है। इस पार्क को 1983 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। पेंच नेशनल पार्क मे ग्राम कर्माझिरी और टुरिया, दो प्रवेश द्वारों से प्रवेश किया जा सकता है। इन दोनों जगह पर पर्यटकों के लिए वन, पर्यटन विभाग और निजी होटल के साथ वाहन उपलब्ध होते हैं। पार्क हर साल अक्टूबर से जून तक पर्यटकों के लिए खुला रहता है।

Panna (पन्ना)

पन्ना बाघ अभयारण्य पन्ना और छतरपुर जिलों में स्थित है। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान 1981 में बनाया गया था तथा 1994 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। पन्ना जिले में पार्क के आरक्षित वन और छतरपुर की ओर कुछ संरक्षित जंगल अतीत में पन्ना, छतरपुर और बिजावर रियासतों के तत्कालीन शासकों के शिकार थे। पन्ना टाइगर रिजर्व भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।

Bandhavgarh (बांधवगढ़)

बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान उमरिया जिले मे स्थित है। बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान का पारिस्थितिकी तंत्र शानदार समृद्ध है। जिससे सभी जीव लाभान्वित है चाहे वो छोटी तितलियां हों या राजसी बाघ। इस उद्यान के बाघ दुनिया भर में ख्याति प्राप्त है। यहाँ की महत्वपूर्ण वन्यजीव प्रजातियों में चीतल, सांभर, भौंकने वाले हिरण, नीलगाय, चिंकारा, जंगली सुअर, चौसिंगा, लंगूर, रीसस मकाक, बाघ, तेंदुआ, जंगली कुत्ता, भेड़िया, सियार, भालू, सेही, भारतीय पैंगोलिन, चमगादड़ के विभिन्न प्रकार के चमगादड़ फल चमगादड़, भारतीय वृक्ष हिलाना और कृन्तकों की कई अन्य प्रजातियां शामिल हैं।

Pachmarhi (पचमढ़ी)

पचमढ़ी मध्यप्रदेश का एक हिल स्टेशन है, पचमढ़ी को सतपुड़ा की रानी के रूप में भी जाना जाता है, इसके कई झरनों में अप्सरा विहार, इसके शांत पूल के साथ, और पास में एकल, एक बूंद सिल्वर फॉल भी शामिल है। बी फॉल उत्तर-पश्चिम की ओर एक दांतेदार चट्टान के चेहरे पर टकराता है। पचमढ़ी, सतपुड़ा नेशनल पार्क के अंदर स्थित है।

हरे-भरे और शांत पचमढ़ी में बहुत-सी नदियों तथा झरने सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।

पचमढ़ी मे मुख्य आकर्षण के केंद्र –

  • जटा शंकर
  • पांडव की गुफाएं
  • अप्सरा विहार
  • महादेव गुफा
  • प्रियदर्शनी प्वाइंट
  • रजत प्रपात
  • चौरागढ़
  • सतपुड़ा राष्टीय उद्यान
  • तामिया

Orchha (ओरछा)

बेतवा नदी के तट पर बसे ऐतिहासिक शहर ओरछा की स्थापना 16 वीं शताब्दी में बुंदेला राजपूत प्रमुख रुद्र प्रताप ने की थी। यहां, बेतवा नदी सात चैनलों में विभाजित होती है, जिसे सतधारा भी कहा जाता है।
ओरछा मे महलनुमा मंदिर एक मात्र मंदिर है जहां भगवान श्री राम की राजा के रूप मे पूजा की जाती है। यह मंदिर कभी राजा मधुकर शाह की पत्नी, रानी गणेश कुमारी का महल था। ओरछा मे राजा राम का मंदिर परिसर तो अत्यंत मनमोहक है ही, साथ ही मूल रूप से राजा राम के लिए बना मंदिर, वर्तमान चतुर्भुज मंदिर भी दर्शनीय है। इनके अतिरिक्त ओरछा मे जहांगीर का महल, राज महल, राय परवीन महल भी देखने योग्य है। ओरछा झांसी से मात्र 18 किमी दूर है।

Mandu (मांडू)

मांडू एक पर्यटक स्थल के रूप मे प्रशिद्ध है। जहाँ हजारों कि संख्या में सैलानी आते हैं। यहाँ के प्रमुख दर्शनीय स्थल जैसे जहाज महल, हिन्डोला महल, शाही हमाम वास्तुकला के उत्कृष्टतम उदाहरण हैं। महलों की आकर्षक नक्काशीदार गुम्बद को दूर दूर से लोगों देखने आते है। मांडू इन्दौर शहर से लगभग 100 किमी दूर है।

मांडू के प्रमुख आकर्षण –

  • जहाज महल
  • हिंडोला महल
  • होशंगशाह का मकबरा
  • रानी रूपमती महल

Amarkantak (अमरकंटक)

अमरकंटक नर्मदा, सोन और जोहिला नदी का उदगम स्थल है। अमरकंटक अपने खूबसुरत झरने पवित्र नदिया उची पहाड़ियों और शांत बातावरण के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ आने वाले पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।

अमरकंटक के प्रमुख आकर्षण –

  • नर्मदा कुंड और मंदिर
  • धूनी पानी
  • दूध धारा
  • कल्चुरी काल के मंदिर
  • सोनमुड़ा
  • मां की बगिया
  • कपिलधारा
  • कबीर चबूतरा
  • सर्वोदय जैन मंदिर
  • श्री ज्‍वालेश्‍वर महादेव मंदिर

Bhedaghat (भेड़ाघाट)

भेड़ाघाट मध्यप्रदेश के जबलपुर से 20 किमी की दुरी मे स्थित है। यह एक पर्यटन स्थल है यह नर्मदा नदी के किनारे बसा हुआ है, यहाँ पर धुआँधार जल प्रपात है, संगमरमर की चट्टानें तथा चौसठ योगिनी मंदिर प्रमुख स्थित हैं। जो मुख्य आकर्षण हैं।

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